Posts

Showing posts from November, 2020

हिंदी कोर्स - बी स्पर्श भाग-1 गद्यखंड पाठ-6 धर्म की आड़ प्रश्नोत्तर

Image
हिंदी कोर्स - बी  स्पर्श भाग-1 गद्यखंड  पाठ-6 धर्म की आड़ प्रश्नोत्तर

#कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर#Karmadharaye samas evam Bahuvrihi samas mei antar

Image
#कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास  में अंतर #Karmadharaye samas evam Bahuvrihi samas mei antar कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समासों में अंतर समझने के लिए इनके   विग्रह पर ध्यान देना आवश्यक है ।  कर्मधारय समास में जहाँ एक पद विशेषण या उपमान होता है और वहीं दूसरा पद विशेष्य या उपमेय होता है ।जैसे- 'श्वेतांबर'  में  'श्वेत' विशेषण है तथा 'अंबर' (वस्त्र)  विशेष्य  इसी प्रकार 'कमलनयन' में 'कमल' उपमान है और नयन 'उपमेय' है। अतः यह दोनों उदाहरण कर्मधारय समास के उदाहरण हैं।   बहुव्रीहि समास में समस्त पद  ही किसी संज्ञा के विशेषण का कार्य करता है जैसे - 'चंद्रशेखर' चंद्रमा है जिसके शिखर पर/ चंद्र को शिखर(सिर) पर धारण करता है जो अर्थात 'शिव'। विग्रह के आधार पर ही कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास में अंतर समझा जा सकता है।  जैैैसे- नीलकंठ - नीला है जो कंठ (कर्मधारय) नीलकंठ - नीला है कंठ जिसका अर्थात शिव' (बहुव्रीहि) लंबोदर - मोटे पेट वाला (कर्मधारय)  लंबोदर - लंबा है उदर जिसका अर्थात 'गणेश' (बहुव्रीहि) महात्मा - महान है जो आत्म...

#संक्षिप्तीकरण #सामासिक शब्द( समस्त पद) #पूर्व पद #उत्तर पद #समास के छःभेद हैं। अव्ययीभाव तत्पुरुष द्विगु कर्मधारय द्वन्द्व बहुव्रीहि

Image
समास का तात्पर्य है संक्षिप्तीकरण  दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं। जैसे - 'रसोई के लिए घर' इसे हम 'रसोईघर' भी कह सकते हैं संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाओं में समास का बहुतायत में प्रयोग होता है । समास के नियमों से निर्मित शब्द  सामासिक शब्द  कहलाता है इसे समस्त पद भी कहते हैं । समाप्त होने के बाद विभक्तियों के चिन्ह (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं जैसे राजा  का  पुत्र - राजपुत्र पूर्व पद   उत्तर पद   समास के दो पद (शब्द) होते हैं  पहले पद को पूर्व पद  और  दूसरे पद को उत्तर पद  कहते हैं । जैसे- गंगाजल । इसमें गंगा पूर्व पद और  जल उत्तर पद है।  समास के छःभेद हैं। अव्ययीभाव तत्पुरुष द्विगु कर्मधारय द्वन्द्व बहुव्रीहि

कर्मधारय समास

Image
  कर्मधारय समास जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद व उत्तरपद में विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध हो वह कर्मधारय समास कहलाता है। जैसे – विशेषण–विशेष्य : 1. महाराज - महान है जो राजा 2. पीतांबर - पीत है जो अंबर 3. महावीर महान है जो वीर 4. महापुरुष महान है जो पुरुष 5. प्रधानाध्यापक प्रधान है जो अध्यापक 6. का पुरुष कायर है जो पुरुष 7. नीलकंठ नीला है जो कंठ 8. काली मिर्च काली है जो मैच 9. महादेव महान है जो देव 10. श्वेतांबर श्वेत है जो अंबर 11. सद्धर्म - सत्य है जो धर्म 12. नीलगगन नीला है जो गगन 13. अंधे को अंधा है जो को 1लालछड़ी- लाल है जो छड़ी 15. नीलांबर नीला है जो अंबर 16सज्जन - सत् है जो जन 17. कृष्णसर्प - कृष्ण है जो सर्प 18. महात्मा - महान है जो आत्मा 19 दुरात्मा - दुर् (बुरा)है जो आत्मा 20. कुबुद्धि - कु(बुरी) है जो बुद्धि 21. पर्णकुटी - पर्ण से बनी कुटी उपमान–उपमेय: 1. देहलता - देह रूपी लता 2. चंद्रमुख -  चंद्र की समान मुख 3. विद्याधन - विद्या रूपी धन 4. कमलनयन - कमल के समान नयन 5. वचनामृत - अमृत के समान वचन 6.क्रोधाग्नि- क्रोध रूपी अग्नि 7. संसारसागर – संसार...

#रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण /वाक्य परिवर्तन #साधारण वाक्य का संयुक्त वाक्य में परिवर्तन#सरल /साधारण वाक्य का संयुक्त वाक्य एवं मिश्र वाक्य में परिवर्तन#साधारण वाक्य का मिश्रित वाक्य में परिवर्तन#मिश्रित वाक्य का संयुक्त वाक्य में परिवर्तन#पूर्वकालिक क्रिया

Image
#रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण /वाक्य परिवर्तन  #साधारण वाक्य का संयुक्त वाक्य में परिवर्तन #सरल /साधारण वाक्य का संयुक्त  वाक्य एवं मिश्र वाक्य में परिवर्तन # साधारण वाक्य का मिश्रित वाक्य में परिवर्तन #मिश्रित वाक्य का संयुक्त वाक्य में परिवर्तन #पूर्वकालिक क्रिया रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण /वाक्य परिवर्तन   एक प्रकार की वाक्य का दूसरे प्रकार के वाक्य में बदलना/परिवर्तित होना ही वाक्य रूपांतरण या वाक्य परिवर्तन कहलाता है।  रचना के आधार पर वाक्य तीन भेद हैं- 1.सरल वाक्य  2. संयुक्त वाक्य  एवं 3. मिश्र वाक्य  इन वाक्यों का आपस में रूपांतरण ही वाक्य रूपांतरण   है ।   सरल /साधारण वाक्य का संयुक्त  वाक्य एवं मिश्र वाक्य में परिवर्तन 1.सरल वाक्य- बारिश में बच्चे भीग रहे हैं । संयुक्त वाक्य - बारिश हो रही है और बच्चे उसमें भीग रहे हैं । मिश्र वाक्य - क्योंकि बारिश हो रही है इसलिए बच्चे उसमें भीग रहे हैं । 2.सरल वाक्य - सड़क दुर्घटना की वजह से ट्रैफिक रुक गया । संयुक्त वाक्य - सड़क दुर्घटना हुई और ट्रैफिक रुक गया। मिश्र वाक्य - ...

#समास की परिभाषा, #समास के भेद(अव्ययीभाव समास, तत्पुरुष समास, द्विगुसमास , द्वन्द्वसमास, बहुव्रीहि समास, कर्मधारय समास) एवं उदाहरण(Compound)

Image
#समास की परिभाषा,  #समास के भेद(अव्ययीभाव समास, तत्पुरुष समास, द्विगुसमास , द्वन्द्वसमास, बहुव्रीहि समास, कर्मधारय समास) एवं उदाहरण (Compound) समास का तात्पर्य है संक्षिप्तीकरण  दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं। जैसे - 'रसोई के लिए घर' इसे हम 'रसोईघर' भी कह सकते हैं संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाओं में समास का बहुतायत में प्रयोग होता है । समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाता है इसे समस्त पद भी कहते हैं । समाप्त होने के बाद विभक्तियों के चिन्ह (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं जैसे राजा का पुत्र - राजपुत्र पूर्व पद उत्तर पद   समास के दो पद (शब्द) होते हैं  पहले पद को पूर्व पद  और  दूसरे पद को उत्तर पद  कहते हैं । जैसे- गंगाजल । इसमें गंगा पूर्व पद और  जल उत्तर पद है।  समास के छःभेद हैं। अव्ययीभाव तत्पुरुष द्विगु कर्मधारय द्वन्द्व बहुव्रीहि 1. अव्ययीभाव समास -  जिस समास का पहला (पूर्व पद)प्रधान तथा अव्यय हो । (अव्यय लिंग, वचन, कारक, पु...

मुहावरे की परिभाषा एवं कुछ प्रमुख मुहावरे अर्थ सहित(Hindi Idioms) #कक्षा दसवीं कोर्स बी स्पर्श भाग-2 ( पद्य भाग) में प्रयुक्त मुहावरे अर्थ सहित

Image
मुहावरे की परिभाषा एवं कुछ प्रमुख मुहावरे अर्थ सहित(Hindi Idioms)    #कक्षा दसवीं कोर्स बी स्पर्श भाग-2 ( पद्य भाग) में प्रयुक्त मुहावरे अर्थ सहित  # मुहावरे का अर्थ -  किसी विशेष अर्थ को प्रकट करने वाले वाक्यांश को मुहावरा कहते हैं।  शाब्दिक रूप से मुहावरा शब्द का अर्थ अभ्यास होता है।   मुहावरों का प्रयोग भाषा को सुंदर प्रभावशाली तथा संक्षिप्त व सरल बनाने के लिए किया जाता है। मुहावरा एक ऐसा वाक्यांश है जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर विशेष अर्थ का बोध कराता है। वाक्य में इसका प्रयोग क्रिया के समान होता है जैसे अपनी खिचड़ी अलग पकाना । वाक्य में प्रयुक्त कुछ मुहावरे 1. अक्ल का दुश्मन (मूर्ख)- तुम तो बिल्कुल अकेले के दुश्मन हो कोई भी काम ढंग से नहीं कर सकते। 2. अंगारे उगलना (क्रोध करना) - बिल्ली को खीर खाते देख पंडित जी अंगारे उगलने लगे । 3.अक्ल पर पत्थर पड़ना (बुद्धि से काम न लेना)- तुम्हारी तो अक्ल पर पत्थर पड़ गए थे जो तुम लगी लगाई नौकरी छोड़ कर आ गए । 4.अगर-मगर करना (बहाने- बनाना)- कक्षा में अध्यापक द्वारा गृह कार्य मांगने पर चंचल अगर मगर करने...